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नेता जी का इलाज

 व्यंग 03/11/2015  मियां जुम्मन आज आए तो बहुत प्रसन्न  थे। चहचहा रहे थे। मुझे कुछ अटपटा सा लगा।  बैठने को कुर्सी  दी । पानी लाकर दिया ही था कि काफी पीने की फरमाईश करने लगे। मैं  चौंका- सदा चाय पीने वाले मिया जुम्मन को आज क्या हो गया? मैने पूछ ही लिया-क्या बात है। आज तो बिल्कुल बदले - बदले है। आवाज में चहचहाट ज्यादा है  तो  शौक भी कुछ नए हैं। बोले - देखो  कैसा ऊंट आया पहाड़ के नीचे। बाप -बेटे प्रदेश के विकास के कितने दावे करते थे। एक कहता । प्रदेश में सबसे ज्यादा विकास हुआ। दूसरा कहता। प्रदेश की जनता के लिए तीन साल में जो हमने किया। वो आज तक कोई  नहीं कर पाया। कितने  दावे थे । कितना शोर था । पर नेता जी बीमार क्या पड़े। सब  हवा हो गया। अपने गांव में मैडिकल कॉलेजबनाने वाले नेता जी को प्रदेश मुख्यालय के सबसे बड़े पीजी  में भी लाभ नहीं  हुआ। अपने प्रदेश से सटे दिल्ली को लांघ  हरियाणा के मेदांता  में इलाज के लिये गए। अब इनसे कोई पूछे -भाई  तुम्हारा बेटा प्रदेश का मुखिया और तुम्हें इलाज के लिए हरियाणा जाना पड़...

नेताओं पर बढ़ती जूतों की बौछार

24/12/2010 स्वााधीनता दिवस कार्यक्रम में  श्रीनगर मेंं ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान  जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जूता फेंके जाने के बाद   जूता  पुराण में एक और अध्याय जुड़ गया। जूता पुराण की कहानी इराक यात्रा के दौरान अमेरिकी प्रसिडेंट बुश पर एक पत्रकार वार्ता में  जूता फेंकने से शुरू हुई थी। उन पर एक नही दो जूते फेंके गए।हाल ही में लंदन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी  पर भी जूता फेंका  जा चुका है। नेताओं के लिए राहत की बात यह है कि जूते फें के जाने की घटनाओं में अभी तक अधिकांश   जूते निशाने पर नहीं लगे । हां  मुंह पर लगने से कहीं बहुत ज्यादा अपनी धमक और प्रभाव जरूर  छोड़ा। नेताओं के लिए यह राहत की बात है कि अब उनपर अंडे टमाटर फेंके जाने बंद हो गए। अंडे टमाटर  सड़े गले होते थे तो  नेताजी के कपड़े  भी खराब करते थे और बदबू भी फैलाते थे। जूते में अच्छा बात यह है कि इसमें बदबू नहीं आती और यह निर्धारित स्थान पर प्राय: लगता भी नहीं।  अब तक की घटनाओं से यह साबित होता है कि जूता फेंकने ...

कांग्रेस का परिवर्तन

 व्यंग्य 16/06/2014 चुनाव के बाद लगता है कांग्रेस में  आमूल चूल परिवर्तन हो रहा है। सत्ता में रहकर कमीशन खाने के लिए मशहूर कांग्रेसी दिल्ली में आजकल लू खा रहे हैं। भरी गर्मी में बिजली न आने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सडक़ों पर जुलूस निकाल रहे हैं। गर्र्मी के थपेड़े झेल रहे  हैं। ऐसा महान संघर्ष आजादी के बाद कांग्रेस ने कभी किया हो याद नहीं पड़ता। बड़े उद्योग को बढ़वा देने वाली कांग्रेस को लगता है अब लघु उद्योग की याद आई  है। इसीलिए तो वह दिल्ली  में घड़े लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। घड़े बनाने वाले प्रसन्न हैं कि पहले तो यदाकदा ही गर्मी में चंद घड़े बिकते  थे । अब तो थोक में बिक रहे हैं। घड़े बेचने वालों का सोच यह है कि यदि दिल्ली का बिजली संकट कुुछ और बढ़ा तो उन्हें और ज्यादा लाभ मिलेगा और घड़े बिकेंगे। फंूकने के लिए पुतले बनाने को बांस ,खप्पच और पुआल की मांग बढ़ी है । कुछ सोच रहे हैं कि भगवान इन कांग्रेसियों को  सदबुद्धि दे। लाइट के संकट को बताने के लिए लालटेन लेकर प्रदर्शन करें तो बहुत समय से स्टॉक में धूलफंक रही कुछ लालटेन भी बिक जांए। वैसे तो अब ये ...

मोदी की सीख

 व्यंग मोदी की सीख भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ता  नेता , संासदों मंत्रियों  के मित्र रिश्तेदार परेशान है। नरेंद्र मोदी  सरकार के कई  मंत्री दुखी हैं। सब  चिंतित हैं। मोदी ने प्रधान मंत्री बनते ही ये क्या राग अलापना शुरू कर दिया?   यह क्या बात हुई कि आदेश जारी कर दिया कि अपने निजी स्टाफ में रिश्तेदारों को न रखें? भाई  चुनाव में कई करोड़ रूपया व्यय कर विजयी हुए हैं। इसका मतलब यह तो नहीं कि हम कमाए ना। अपने रिश्तेदारों को लाभ न पहुंचाए। अगर ईमानदार ही बनकर रहना था तो राजनीति में आने की क्या जरूरत थी। कुछ  तो बहुत चिंतित हैं। सूचनांए हैं कि मोदी के इस आदेश के बाद गहरे डिपरेंशन में है। कारण है कि ऐसे में अपने उन रिश्तेदारों और मित्रों को क्या जवाब देंगें । जिन्होंने दिन रात एक कर इस उम्मीद में चुनाव लड़ाया। उनका सोच था कि  कि नेताजी के सांसद बनने के बाद उनका भी कुछ भला हो जाएगा। कार्यकर्ता  परेशान हैं। हमसे क्या गलती हो गई जो भाजपा की सरकार बना दी। इससे तो कांग्रेस ,सपा ,बसपा  की सरकार अच्छी थी। सबको लूटने घर भरने का अधिकार तो ...

नेताओं का दौरा

नेताओं के दौरे चलने के समाचार  पढ़ते मियां जुम्मन  बोले -यार चलो हम भी दौरा कर आएं। आज तो मोदी घोड़े पर दौरा कर रहा है। बिजनौर के एक विधायक भी पिछले दिनों आदमखोर बाधिन को मारने घोड़े पर सवार होकर निकले थे।  भाई  क्या शानदार सवारी है घोड़ा।  उस पर बैठे मोदी और बाधिन को मरने निकले विधायक क्या शानदार नजर आ रहे थे। कुछ भी कहो घोड़े की सवारी है बिल्कुल शादी सवारी। हैलिकाप्टर हवाई  जहाज की सवारी  में वो बात नही जो घोड़े की सवारी में है।महाराजा रणजीत सिंह और  महाराणा प्रताप घोड़े पर बैठे बिलकुल अगल नजर आतें हैं। जो बात घोड़े की सवारी में है, वह बात हाथी की सवारी में भी नहीं है।ं हमें तो शादी में भी घुड़चढ़ी को मौका नहीं मिला। उन्होंने मुझसे   सवाल किया- यार तुम घुड़चढ़ी की रस्म मेंं   घोड़े पर सवार हुए होगे। बहुत शानदान लुक रह होगा।  उसके फोटो तो होंगे। जरा दिखाओ भाई। हम अपनी शादी की याद करते बोले - भाई  हम तो शादी के हादसे को आज तक भी नही़ भूले। ऐेसी दुर्घटना भूली भी नहीं जाती। जिस दिन हमारी शादी थी । उस दिन बहुत बड़ा सहालक...

अब मंथन हो रहा है

 व्यंग राजनीति भी अजीब शै  है। जब तक ताकत में हैं । तबतक  मदमस्त है । किसी के दुख -दर्द से कुछ लेना -देना  नहीं। बस अपना उल्लू सीधा करना है। जब सब कुछ लुट गया। सफीना मझधार में डूब गया तो  सब मंथन करतें  हैं। जब ताकत थी, तब कभी मंथन नहीं हुआ। तब तो जो कहा वो ब्रह्म वाक्य था।  माया मंथन कर रही हैं। बहुत बड़े शॉक में है। समझ नहीं आया - क्या हुआ? कैसे पूरी सोशल इंजीनियार फेल हो गई। मुलायम मंथन कर रहे हैं कि  उत्तर प्रदेश का यादव कैसे हिंदू बन गया? अजित गम में हैं कि उनके बिरादर जट ही उन्हें धोखा दे गए। वे जाट धोखा दे गए जिन्हें उसने कुछ ही दिन पूर्व केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण दिलाया था। जाट तो उनके पक्के थे। वे भी हिंदू हो गए। खुलकर तो  नहीं  बोल पा रहे पर सब मन -मन में कह रहें होंगे कि सारे वोटर अहसान फरामोश निकले। सब ने धोखा दे दिया। सब हिंदू बन गए और मोदी को जाकर राजतिलक कर दिया।  सब मंथन कर रहे हैं। चुनाव में मुलायम का कुनबा तो बच गया । लालू का तो कुनबा ही राजनैतिक वैतरणी में डूब   गया । पत्नी बेटी दोनों धराशाई । पांच सासं...

मोदी का कुर्ता

 व्यंग लंबे समय से भाजपा के प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के आलोचक रहे मियां जुम्मन आजकल उनपर बहुत  मेहरबान है। मोदी की प्रशंसा करते नहीं थकते।  जहां अधिकतर  मुसलमान  मोदी को अपना विरोधी मानते हैं। मियां जुम्मन का यह रवैया चौंकाने वाला है। मियां जुम्मन आज आए तो मोदी जैसा आधी आस्तीन का कुर्ता  पहने थे। उनका  नया लुक  देखकर मैं  चौंका। मुझसे रहा नहीं गया। चटखारे से लेते पूछ ही लिया -मियां क्या बात है। मोदी का कुर्ता। वह बोले -देखो मियां कहो कुछ भी कहो पर मोदी है काम का आदमी। बहुत दूर की कोड़ी लाता है। इसी लिए प्रधान मंत्री बन गया। बहुत बड़ी सोच रखता है। वह सारे कार्य  भविष्य को देखकर करता है। ऐसा सभी करने लगे। तो  तरक्की करते जांए। उन्हें कोई भी नुकसान न पहुंचा पांए।   उसने राजनीति में तो नई  क्रांति  लाई  ही ,कुर्ते  का भी नया स्टाइल निकाल दिया। आधी आस्तीन का कुर्ता। बिल्कुल नई बात की। बांह के मोड़ तक का कुर्ता ।  ऐसा कुर्ता आज के  राजनैतिकों  के लिए ही नहीं, आम आदमी के लिए भी...