नेता जी का इलाज
व्यंग 03/11/2015 मियां जुम्मन आज आए तो बहुत प्रसन्न थे। चहचहा रहे थे। मुझे कुछ अटपटा सा लगा। बैठने को कुर्सी दी । पानी लाकर दिया ही था कि काफी पीने की फरमाईश करने लगे। मैं चौंका- सदा चाय पीने वाले मिया जुम्मन को आज क्या हो गया? मैने पूछ ही लिया-क्या बात है। आज तो बिल्कुल बदले - बदले है। आवाज में चहचहाट ज्यादा है तो शौक भी कुछ नए हैं। बोले - देखो कैसा ऊंट आया पहाड़ के नीचे। बाप -बेटे प्रदेश के विकास के कितने दावे करते थे। एक कहता । प्रदेश में सबसे ज्यादा विकास हुआ। दूसरा कहता। प्रदेश की जनता के लिए तीन साल में जो हमने किया। वो आज तक कोई नहीं कर पाया। कितने दावे थे । कितना शोर था । पर नेता जी बीमार क्या पड़े। सब हवा हो गया। अपने गांव में मैडिकल कॉलेजबनाने वाले नेता जी को प्रदेश मुख्यालय के सबसे बड़े पीजी में भी लाभ नहीं हुआ। अपने प्रदेश से सटे दिल्ली को लांघ हरियाणा के मेदांता में इलाज के लिये गए। अब इनसे कोई पूछे -भाई तुम्हारा बेटा प्रदेश का मुखिया और तुम्हें इलाज के लिए हरियाणा जाना पड़...